रिज़्क़ का 'डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो' — यह सिर्फ पैसे के बारे में नहीं है
हकीकत और आज का दौर: "अमीर गरीब" आदमी
हम सब किसी न किसी ऐसे "अमीर गरीब" आदमी को जानते हैं जिसके बैंक अकाउंट में 50 करोड़ रुपये तो हैं, लेकिन अपने बच्चों के साथ उसका कोई रिश्ता नहीं है। वह तनाव (Stress) की बीमारियों के लिए तीन अलग-अलग दवाइयां ले रहा है और बरसों से सुकून की नींद नहीं सोया। क्या आप उसे वाकई "दौलत मंद" कहेंगे?
आज की हिंदुस्तानी भाग-दौड़ में हमने 'रिज़्क़' की परिभाषा को बहुत छोटा कर दिया है। हमारे लिए रिज़्क़ का मतलब सिर्फ "पैसा" रह गया है। हम "बैंक बैलेंस" बढ़ाने में इतने मशगूल हैं कि हमारा "सेहत का बैलेंस", "वक्त का बैलेंस" और "रूहानी सुकून का बैलेंस" सब लाल निशान (खतरे) में है। हम उस परिवार के लिए "कमाने" में हफ्ते के 80 घंटे लगा रहे हैं, जिन्हें हम असल में कभी देख भी नहीं पाते। अब वक्त है कि हम रिज़्क़ की अपनी परिभाषा को 'डाइवर्सिफाई' करें।
खुलासा: अनजाने रास्तों से मिलने वाला रिज़्क़
अल्लाह सुबहानहु व तआला हमें याद दिलाता है कि वह हर तरह के रिज़्क़ का चश्मा (स्रोत) है, और असली रिज़्क़ सिर्फ आपकी तनख्वाह से कहीं बड़ी चीज़ है। अल्लाह फ़रमाता है:
"और आसमान में तुम्हारा रिज़्क़ है और वह भी जिसका तुमसे वादा किया जाता है।" (सूरह ज़ारियात, 51:22)
और उन लोगों के लिए जो 'तक़वा' (परहेज़गारी) इख्तियार करते हैं, वादा है:
"...और वह उसे वहाँ से रिज़्क़ देगा जहाँ से उसे गुमान (वहम-ओ-गुमान) भी नहीं होगा।" (सूरह तलाक़, 65:3)
रिज़्क़ में आपके घर का सुकून, आपके शरीर की सेहत, आपके ज़हन की शांति और अच्छे काम करने का मौका भी शामिल है। कभी-कभी अल्लाह आपको "सुरक्षा" के रूप में 'पे' (Pay) करता है—वह आपको किसी बड़े एक्सीडेंट या जानलेवा बीमारी से बचा लेता है। यह एक बहुत बड़ा "डिविडेंड" है जो आपके बैंक स्टेटमेंट में नज़र नहीं आता।
हिकमत-ए-अमली (प्लानिंग): 'कुल दौलत' का मैनेजमेंट
वक्त का डिविडेंड: अगर आपको ऐसी नौकरी का ऑफर मिलता है जहाँ पैसे ज़्यादा हैं, लेकिन वह आपकी नमाज़ों या परिवार के साथ वक्त बिताने का हक छीन लेती है, तो क्या वह वाकई "तरक्की" है? या यह आपकी रूह पर लगा हुआ एक भारी "टैक्स" है?
"सेहत के एसेट्स" में निवेश: आपका शरीर अल्लाह की दी हुई एक गाड़ी है। वर्जिश (Exercise) करना और सही खाना खाना एक "माली फैसला" है — यह भविष्य में होने वाले "प्रॉपर्टी डैमेज" (अस्पताल के भारी बिल और काम का नुकसान) को रोकता है।
शुक्रगुज़ारी का पोर्टफोलियो: हर रात रिज़्क़ की उन 3 चीज़ों के नाम लिखें जो आज आपको मिलीं और जो "पैसे" की शक्ल में नहीं थीं (जैसे: "माँ के साथ अच्छी बात", "फज्र की शांति", "बीमारी से शिफ़ा")।
तक़वा से 'हेजिंग' (Hedging): जब इकोनॉमी अस्थिर हो, तो सिर्फ सोने (Gold) में निवेश न करें। तक़वा के साथ अपनी सुरक्षा (Hedge) करें। आप अल्लाह से जितना जुड़ेंगे, महंगाई की दर चाहे जो भी हो, आपकी ज़िंदगी उतनी ही "स्थिर" (Stable) रहेगी।